छत्तीसगढ़ राज्य का गठन 1 नवंबर सन 2000 को 26 वे राज्य के रूप में हुआ था। इसका;आकार समुद्री घोड़े की तरह है। इसका विस्तार उत्तर से दक्षिण की ओर कुल 360 किलोमीटर है तथा पूर्व से पश्चिम की ओर 140 किलोमीटर है। इस प्रकार इसका विस्तार 17०46' उत्तरी अक्षांश से 24०50' उत्तरी अक्षांश तक तथा 80०15' पूर्वी देशांतर से 84०20' पूर्वी देशांतर तक है। इस राज्य का कुल क्षेत्रफल 1,35,192 वर्ग किलोमीटर है। क्षेत्रफल के अनुसार इस राज्य का भारत में 10 वाँ स्थान है तथा भारत की कुल क्षेत्रफल का 4.11% है। जब छत्तीसगढ़ राज्य का गठन हुआ तो इस राज्य को मध्यप्रदेश के 16 जिलों को लेकर बनाया गया था। अभी वर्तमान में इस राज्य में कुल 27 जिले हैं।11 मई सन 2007 को बीजापुर दंतेवाड़ा से तथा नारायण बस्तर से अलग होकर दो नए जिले बने। सात नए जिलों का गठन सन 2012 में हुआ था। 2011 कि जनागढ़ना के अनुसार यहाँ की कुल जनसंख्या 2,55,45,198 है।छत्तीसगढ़ की जनसंख्या वृद्धि दर 22.61% है।छत्तीसगढ़ का जनसंख्या घनत्व 189 है। छत्तीसगढ़ में लिंगानुपात 991 है। छत्तीसगढ़ का साक्षरता 70.28 % है। छत्तीसगढ़ के उत्तर में उत्तर प्रदेश और उत्तर-पश्चिम में मध्यप्रदेश का शहडोल संभाग, उत्तर-पूर्व में उड़ीसा और झारखंड, दक्षिण में तेलंगाना और पश्चिम में महाराष्ट्र राज्य स्थित हैं। छत्तीसगढ़ को प्राचीनकाल में दक्षिण कोशल कहा जाता था और इसका राजधानी रतनपुर था। वर्तमान में छत्तीसगढ़ राज्य की राजधानी रायपुर है।छत्तीसगढ़ राज्य की न्यायधानी बिलासपुर है। भारत में इसका स्थान 19 वाँ है। वर्तमान में मुख्य न्यायधीश यतीन्द्र सिंह हैं। यहां चूना पत्थर, लौह-अयस्क, तांबा अयस्क, राॅक फाॅस्फेट, मैंगनीज़ अयस्क, बाॅक्साइट, कोयला, एस्बस्टस और माइका का प्रचुर भंडार है।  यहां की 80 प्रतिशत आबादी कृषि करती है। धान की पैदावार बहुत ज्यादा होने के कारण छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा भी कहा जाता है । छत्तीसगढ़ के वन्यजीव अभयारण्यों की वजह से यह एक महत्वपूर्ण पयर्टन केन्द्र है। छत्तीसगढ़ में 3 राष्ट्रीय उद्यान और 11 वन्यजीव अभयारण्य हैं, जो इसे अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता देते हैं और वनस्पतियों से समृद्ध बनाते हैं। इंद्रावती राष्ट्रीय उद्यान छत्तीसगढ़ का सबसे प्रसिद्ध राष्ट्रीय उद्यान है। यहां कई वन्यजीव अभयारण्य हैं, जैसे बरनावपारा वन्यजीव अभयारण्य, तमूर पिंगला, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, पेम्ढा, संजय राष्ट्रीय उद्यान, सेमरसेत, सीतानदी वन्यजीव अभयारण्य, उदंति वन्यजीव छत्तीसगढ़ के वन्यजीव अभयारण्यों की वजह से यह भारत का महत्वपूर्ण पयर्टन केन्द्र है। छत्तीसगढ़ में तीन राष्ट्रीय उद्यान और 11 वन्यजीव अभयारण्य हैं, जो इसे अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता देते हैं और वनस्पतियों से समृद्ध बनाते हैं। इंद्रावती राष्ट्रीय उद्यान छत्तीसगढ़ का सबसे प्रसिद्ध राष्ट्रीय उद्यान है। यहां कई वन्यजीव अभयारण्य हैं, जैसे बरनावपारा वन्यजीव अभयारण्य, तैमूर पिंगला, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, पेम्ड, संजय राष्ट्रीय उद्यान, सेमरसोत, सीतानाड़ी वन्यजीव अभयारण्य, उदंति वन्यजीव अभयारण्य, अचानकुमार वन्यजीव अभयारण्य, बादलखोल, भैरामगढ़, गोमर्दा वन्यजीव अभयारण्य आदि, अचानकुमार वन्यजीव अभयारण्य, बादलखोल, भैरामगढ़ वन्यजीव अभयारण्य आदि। राष्ट्रीय उद्यानों में संजय राष्ट्रीय उद्यान सबसे बड़ा है जिसे पहले गुरु घासी दास उद्यान के नाम से जाना जाता था जो कि कोरिया जिले में स्थित है तथा कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान सबसे छोटा है । सबसे बड़ा अभयारण्य तमोर पिंगला व छोटा बादलखोल है |

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